पंचकन्या पंचकन्या वे पाँच कन्याएँ हैं, जिनका भारत के हिन्दू सम्प्रदाय और धर्मग्रंथों में विशिष्ट स्थान है। पुराणों के अनुसार ये पाँच कन्याएँ विवाहित होते हुए भी पूजा के योग्य मानी गई हैं। [1] अहल्या द्रौपदी तारा कुंती मंदोदरी तथा। पंचकन्या: स्मरेतन्नित्यं महापातकनाशम्॥ [2] इन पाँचों कन्याओं के नाम इस प्रकार हैं- अहल्या अहिल्या अहिल्या अहल्या का उद्धार करते श्रीराम अहिल्या महर्षि गौतम की पत्नी थी। ये अत्यंत ही रूपवान तथा सुन्दरी थी। एक दिन गौतम की अनुपस्थिति में देवराज इन्द्र ने अहिल्या से सम्भोग की इच्छा प्रकट की। यह जानकर कि इन्द्र उस पर मुग्ध हैं, अहिल्या इस अनुचित कार्य के लिए तैयार हो गई। महर्षि गौतम ने कुटिया से जाते हुए इन्द्र को देख लिया और उन्होंने अहिल्या को पाषाण बन जाने का शाप दिया। ' त्रेता युग ' में श्रीराम की चरण-रज से अहिल्या का शापमोचन हुआ। वह पाषाण से पुन: ऋषि-पत्नी हुई। भारतकोश के संस्थापक/संपादक के फ़ेसबुक लाइव के लिए यहाँ क्लिक करें। ...
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